तेलुगू शैली में बनाएं स्वादिष्ट पेरुगू अन्नम (Curd Rice)

 पेरुगू अन्नम क्या है?                                                        

केले के पत्ते पर परोसा गया तेलुगू शैली का पेरुगू अन्नम, साथ में लाल अचार, कुरकुरा पापड़ और तली हरी मिर्च – पारंपरिक दक्षिण भारतीय भोजन का दृश्य
पारंपरिक पत्ते की थाली में परोसा गया पेरुगू अन्नम (Curd Rice)

पेरुगू अन्नम, जिसे हिंदी में दही चावल कहा जाता है, दक्षिण भारत के खासकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्य का पारंपरिक व्यंजन है। इसे खासतौर पर गर्मियों में खाया जाता है क्योंकि यह शरीर को ठंडक पहुंचाता है। यह व्यंजन सादगी में जितना सरल है, स्वाद और पोषण में उतना ही गहराई वाला भी।


पेरुगू अन्नम की सामग्री

इस व्यंजन को बनाने के लिए बहुत ही सामान्य सामग्री की आवश्यकता होती है, जो आमतौर पर हर भारतीय रसोई में उपलब्ध होती है:

  • पका हुआ चावल – 1 कप

  • गाढ़ा दही – 1 कप

  • दूध – ½ कप

  • हरी मिर्च – 1 (बारीक कटी हुई)

  • अदरक – 1 छोटा टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)

  • करी पत्ते – 6–8

  • राई (सरसों) – 1 छोटा चम्मच

  • चना दाल – 1 छोटा चम्मच

  • उड़द दाल – 1 छोटा चम्मच

  • हींग – एक चुटकी

  • हरा धनिया – सजाने के लिए

  • नमक – स्वादानुसार

  • तेल – 1 बड़ा चम्मच


पेरुगू अन्नम बनाने की विधि – स्टेप बाय स्टेप

पहला चरण: चावल पकाना

चावल को सामान्य तरीके से पकाएं और उसे ठंडा होने दें। ध्यान रहे कि चावल ज्यादा गाढ़ा या बहुत सूखा न हो। इसे थोड़ा मसलकर मुलायम बनाएं ताकि दही अच्छी तरह मिल सके।

दूसरा चरण: तड़का लगाना और मिलाना

अब एक कढ़ाही में तेल गर्म करें। उसमें राई डालें, फिर चना दाल और उड़द दाल डालें। जब दालें सुनहरी होने लगें, तो उसमें कटी हरी मिर्च, करी पत्ते, अदरक और हींग डालें।

तड़के को चावल में डालें। फिर उसमें दही और दूध मिलाएं और नमक डालें। सबकुछ अच्छे से मिक्स करें। ऊपर से ताजा हरा धनिया डालकर सजाएं।


पेरुगू अन्नम के स्वास्थ्य लाभ

  • पाचन में सहायक: दही में मौजूद प्रोबायोटिक तत्व पाचन क्रिया को सुधारते हैं।

  • गर्मियों में ठंडक: यह शरीर को ठंडक देता है और लू से बचाने में मदद करता है।

  • ऊर्जा का स्रोत: चावल और दही दोनों में मौजूद कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा प्रदान करते हैं।

  • आसान पचने वाला: यह हल्का भोजन है, जो बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए भी आदर्श है।


परोसने के सुझाव और भिन्नताएं

  • इसे पापड़, अचार या भुनी हुई मिर्च के साथ परोसा जा सकता है।

  • कुछ लोग इसमें अनार के दाने या कद्दूकस की हुई गाजर भी डालते हैं, जिससे यह और पौष्टिक बनता है।

  • त्योहारों और प्रसाद के रूप में भी पेरुगू अन्नम को परोसा जाता है।


FAQs:

प्रश्न 1: पेरुगू अन्नम कब खाया जाता है?
उत्तर: पेरुगू अन्नम को विशेष रूप से गर्मियों में दोपहर के भोजन में खाया जाता है, लेकिन इसे किसी भी समय खाया जा सकता है।

प्रश्न 2: क्या पेरुगू अन्नम बच्चों के लिए सुरक्षित है?
उत्तर: हां, यह व्यंजन बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और पौष्टिक होता है। बस मसालों की मात्रा सीमित रखें।

प्रश्न 3: क्या पेरुगू अन्नम व्रत में खाया जा सकता है?
उत्तर: यदि चावल और दही व्रत के अनुकूल हों और तड़के में उपवास की सामग्री का प्रयोग हो, तो हां, इसे व्रत में भी खाया जा सकता है।


यह भी पढ़ें:टमाटर रसम बनाने की आसान विधि: दक्षिण भारत का स्वाद

                                                                              

Comments